Girish Chandra Murmu

Girish Chandra Murmu appointed as the new CAG

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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व उप-राज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू (Girish Chandra Murmu) को 08 अगस्त 2020 को राष्ट्रपति भवन में भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (Comptroller and Auditor General : CAG) पद की शपथ दिलाई।  गिरीश चंद्र मुर्मू को राजीव महर्षि की जगह CAG बनाया गया है। राजीव महर्षि का कार्यकाल 7 अगस्त को पूरा हो गया है। उनका कार्यकाल तीन साल का रहा।
  • गिरीश चंद्र मुर्मू को पिछले वर्ष 29 अक्टूबर को राज्यपाल सत्यपाल मलिक को गोवा भेजे जाने के बाद जम्मू-कश्मीर का उप-राज्यपाल बनाया गया था।
  • वे राज्य से केंद्र शासित प्रदेश बने जम्मू-कश्मीर के पहले उपराज्यपाल रहे। उन्‍हें 31 अक्‍टूबर 2019 को नियुक्‍त किया गया था। उनका कार्यकाल 9 महीने का रहा।
  • उन्होंने 31 अक्टूबर 2019 को जम्मू-कश्मीर के पहले उप राज्‍यपाल के रूप में कार्यभार संभाला था।
  • वे 1985 बैच के गुजरात कैडर के आईएएस रहे हैं। गुजरात में तत्कालीन मुख्यमंत्री मोदी के प्रधान सचिव रहते हुए राज्य सरकार की सभी प्रमुख परियोजनाओं की निगरानी का जिम्मा सौंपा गया था।
  • श्री मुर्मू ओडिशा के सुंदरगढ़ के रहने वाले हैं। उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ बर्मिंघम से एमबीए की पढ़ाई की। जम्मू और कश्मीर का उपराज्यपाल बनने के पहले वे वित्त विभाग में व्यय विभाग के सचिव थे।

नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (Comptroller and Auditor General : CAG):

यह एक संवैधानिक पद है। CAG का काम सरकारी खातों और धन व्यय की जांच करना है। दरअसल, सरकार जो भी धन खर्च करती है, CAG उस खर्च की गहराई से जांच पड़ताल करता है और पता लगाता है कि धन सही से खर्च हुआ है या नहीं। यह केंद्र और राज्य सरकार दोनों के सार्वजनिक खातों और आकस्मिक निधि का परीक्षण करता है।

CAG का कार्यकाल छह वर्ष का होता है या फिर नियुक्त अधिकारी के 65 वर्ष की आयु तक। इनमें से जो भी पहले हो उसका पालन होता है। इसे लोक लेखा समिति का ‘आंख व कान’ कहा जाता हैं। यह भारत सरकार की रिपोर्ट राष्ट्रपति को और राज्य सरकार की रिपोर्ट राज्य के राज्यपाल को देता है।

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